Zoom App के बारे में …

कौन हैं जूम ऐप के मालिक?

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जूम ऐप के मालिक हैं चीनी अमेरिकी एरिक युआन, जो कंपनी के सीईओ भी हैं। वह चीन के शांगझांग प्रांत के रहने वाले हैं, जिन्होंने अमेरिका के कैलिफोर्निया जाकर सिलिकॉन वैली में अपनी कंपनी शुरू की है। जूम ऐप को लेकर आ रही शिकायतों पर उन्होंने माफी मांगते हुए कहा है कि आने वाले 3 महीनों में सारे सिक्योरिटी इश्यू हल कर लेंगे।

जब से लॉकडाउन लागू हुआ है, लोग घर से ही काम कर रहे हैं और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही एक-दूसरे से बात कर रहे हैं। इसी बीच भारत सरकार ने वीडियो कॉन्फेंसिंग के लिए जूम ऐप के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
भारत में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन है और ऐसी स्थिति में लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी बैठकें या क्लास कर रहे हैं। लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए zoom app का भी खूब इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन अब इसे लेकर चिंता होने लगी है। भारत में तो सरकारी बैठकों के लिए जूम ऐप के इस्तेमाल पर रोक भी लगा दी गई है, क्योंकि इसे खतरनाक बताया जा रहा है, जो जानकारी चुरा सकता है।

जूम ऐप का इस्तेमाल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए किया जाता है। इसके जरिए एक साथ 100 लोगों को कॉन्फ्रेंसिंग में रखा जा सकता है। यही इसकी सबसे बड़ा खासियत है, जिसके चलते बैठकों और स्कूलों में पढ़ाई के लिए इसे इस्तेमाल किया जा रहा था।

भारत में सरकारी बैठकों के लिए जूम ऐप का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी गई है। गुरुवार को ही गृह मंत्रालय ने इस पर रोक लगाते हुए एक एडवाइजरी जारी की है। चिंता जताई जा रही है कि यह ऐप सरकारी जानकारियां चुरा सकता है।

हैकिंग बना सबसे बड़ा ख़तरा

सबसे बड़ा खतरा ये है कि इसके जरिए वीडियो कॉलिंग भी हैक की जा सकती है। ये ऐप एंड टू एंड एनक्रिप्टेड नहीं है। यानी मैसेज भेजने वाला या पाने वाले के अलावा कोई तीसरा शख्स इस हैक कर के आपका मैसेज पढ़ सकता है। 

कई देशों में लग चुका है बैन…

ऐसा नहीं है कि भारत में ही इसे बैन किया गया है। इससे पहले सिंगापुर में भी इस पर बैन लगाया जा चुका है। वहां ऑनलाइन क्लास के दौरान ही अश्लील तस्वीरें दिखने लगी थीं। अमेरिका ने भी इस ऐप के खिलाफ मुकदमा दायर किया हुआ है, क्योंकि ऐप से यूजर के वेबकैम को हैक किया जा सकता है। वहीं जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने भी जूम ऐप के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। गूगल और स्पेस एक्स एजेंसी ने भी इसे बैन किया हुआ है।

ये ऐप कितना खतरनाक हो सकता है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि ब्रिटेन में इस ऐप के जरिए कैबिनेट की एक मीटिंग हुई थी, जो कुछ ही देर बाद इंटरनेट पर अपलोड हो गई। आप समझ ही गए होंगे कि इसके हैक होने का खतरा कितना अधिक है।दुनिया भर में लॉकडाउन की वजह से लोग वर्क फ्रॉम हो कर रहे हैं। बैठकें भी ऑनलाइन हो रही हैं। कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं और लोग एक दूसरे से बात भी ऑनलाइन ही कर रहे हैं। ऐसे में जूम ऐप के यूजर कोरोना काल के इन तीन महीनों में करीब 20 गुना बढ़े हैं। इस दौरान एरिक युआन की नेट वर्थ भी 112 फीसदी बढ़कर 7.5 अरब डॉलर हो गई है।

हैकिंग से कैसे बचे और कैसे करें ऐप का इस्तेमाल..

गृह मंत्रालय ने सलाह दी है कि जूम का इस्तेमाल करने से बचें। अगर करें भी तो हर मीटिंग के लिए नई यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करें। साथ ही वेटिंग रूम फीचर को एनेबल करें और ज्वाइन विकल्प को डिसएबल कर दें, ताकि कोई भी यूजर कॉल में तभी शामिल हो सके, जब कॉन्फ्रेंस करने वाला उसे इजाजत दे। स्क्रीन शेयरिंग का विकल्प सिर्फ होस्ट के पास ही रहना चाहिए। रिज्वाइन का ऑप्शन बंद रखें। कोशिश करें कि फाइल ट्रांसफर के ऑप्शन को कम से कम या ना इस्तेमाल करना पड़े।जूम ऐप को लेकर आ रही शिकायतों पर उन्होंने माफी मांगते हुए कहा है कि आने वाले 3 महीनों में सारे सिक्योरिटी इश्यू हल कर लेंगे।

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