कोरोना व गर्मी के बढ़ते प्रकोप में ए॰सी॰ चलाए या नहीं…

अचानक गर्मी के बढ़ जाने से एसी यानी एयर कंडीशनर की ज़रूरत घरों, खुलें ऑफ़िसों में महसूस होने लगी है. लेकिन लोगों के द्वारा ऐसे दावे किए जा रहे हैं कि एसी से कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का ख़तरा बढ़ जाता है. इन दांवों से लोगों के मन में एसी को लेकर आशंका आ गई है. लेकिन क्या सच में ऐसा है?

इस मामले में एसी चलाने से इतना बड़ा मसला नहीं है, जितना क्रॉस वेंटिलेशन से है. अगर आपके घर में विंडो एसी लगा है, तो आपके कमरे की हवा आपके ही कमरे में रहेगी, बाहर या दूसरे कमरों में नहीं जाएगी. इसलिए घर में विंडो एसी या गाड़ी में लगा एसी चलाने में कोई दिक्कत नहीं है.लेकिन ध्यान रखने की ज़रूरत है कि कमरे में लगे विंडो एसी का इग्ज़ॉस्ट ठीक तरह से बाहर हो, जिससे वो किसी एरिया में ऐसे ना जा रहा हो ,जहां काफ़ी लोग इकट्ठे हों. दफ़्तर या सार्वजनिक जगहों अगर सेंट्रल एसी है, तो इसका मतलब है – सारे कमरों में हवा सर्कुलेट हो रही है, तब ये डर रहता है कि अगर दूसरे कमरे में या फिर ऑफिस के किसी दूसरे हिस्से में कोई खांस रहा है या उसे इंफेक्शन है तो एसी के डक्ट से एक कमरे से दूसरे कमरे तक उसके फैलने का ख़तरा है. जिन अस्पतालों में कोरोना मरीज़ों को भर्ती किया जा रहा है, उनमें सेंट्रल एसी बंद किए जा रहे हैं और उनकी जगह विंडो एसी लगाए जा रहे हैं. अस्पतालों में एसी ज़रूरी भी है क्योंकि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, डॉक्टर्स या हेल्थकेयर वर्कर्स की परेशानी भी बढ़ेगी, क्योंकि वो सब पीपीई पहनकर मरीज़ों को देखते हैं. जिससे वो गर्मी में पसीना-पसीना हो जाते हैं. अगर इतनी गर्मी में बिना एसी के मरीज़ देखना पड़ेगा, तो एक और समस्या खड़ी हो जाएगी.

आम तौर पर ऐसा धारणा बनी हैं कि कोई खांसेगा और वायरस हवा से एयर कंडीशनर के ज़रिए सर्कुलेट हो जाएगा और सब लोग इंफेक्ट हो जाएंगे. इसका अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है. हां, ये ज़रूर हो सकता है कि इससे सरफेस कंटामिनेशन हो जाए. अगर किसी मरीज़ ने खांसा, तो एयर कंडीशनिंग के कारण आस-पास की ग्राउंडिंग कंटामिनेट हो सकती है. लेकिन इस बात का कोई सबूत नहीं है कि एयर कंडिशनर वायरस कैरी कर रहा है.फिलहाल तो पूरे देश में लॉकडाउन है और रेस्टोरेंट समेत सार्वजनिक जगहें बंद हैं, साथ ही बहुत से लोग दफ्तरों के बजाए घर से काम कर रहे हैं, इसलिए वो सेंट्रल एसी से बचे हुए हैं.

लेकिन सवाल ये भी अहम है कि क्या सेंट्रल एसी सच में वायरस को फैलाने में मदद करते हैं? अभी तक इस बात की पुष्टी नहीं हुई है, किसी मामले में अबतक ये पता नहीं चला है कि एयर-कंडीशनर की वजह से संक्रमण हुआ. कुछ ऐसी बात ज़रूर हुई है कि वायरस हवा के कारण रिसाइकल हो रहा था, लेकिन अभी तक इसकी भी पुष्टी नहीं हो सकी है.एयर कंडीशनर के फिल्टर वायरस पकड़ते हैं. एसी के डक्ट और वेंट में वायरस मिले भी हैं, लेकिन इस बात के सबूत नहीं मिले हैं कि वायरस एसी के ज़रिए सर्कुलेट हो सकता है, वो उसमें कितना एक्टिव रह सकता है और वो वहां कितनी देर बना रह सकता है, क्योंकि इसके वातावरण, तापमान और नमी जैसे कई फेक्टर होते हैं. अस्पतालों में भी सेंट्रल एसी बंद करने के एहतियाती कदम लिए जा रहे हैं, क्योंकि ये एक नया वायरस है. हो सकता है आज जो हमें पता है वो कल को गलत निकले. या कोई नई चीज़ आ जाए, जिससे पता चले कि हां, एसी से ये हो रहा है. इसलिए एहतियात बरती जा रही है.अतः बिना किसी स्पष्ट तथ्यों के यह बताना मुश्किल है कि ए॰सी व कोरोना वाइरस का सीधा सीधा सम्बंध हैं,लेकिन ऊपर बताई सावधानियाँ ज़रूर बरतनी चाहिए ।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.